बड़े तेजस्वी कोरिया डीएफओ एक महीने बाद भी डब्लूबीएम सड़क जांच के लिए नही बना सके टीम…

कोरिया वन मंडल में लगातार भ्रष्टाचार की खबरे समय समय पर जम कर सुर्खिया बटोरती रहती है तों अंदर खाने में ही जांच कार्यवाही के नाम पर लीपापोती कर दी जाती है। ऐसा सूत्रों का मानना है। हाल ही में लोकल कोरिया न्यूज़ ने डब्लूबीएम सड़क निर्माण में अनियमितता की खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद कोरिया डीएफओ का बयान भी सामने आया था जिसमे उन्होंने कहा था कि डब्लूबीएम सड़क का हाल देखूंगा और अनियमितताएं हुई है जंगली पत्थरो का उपयोग हुआ है तो स्टीमेट अनुसार जांच के लिए टिम गठित की जाएगी । और जो भी दोषी होंगे उन पर विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी। लेकिन आज एक महीने से भी ज्यादा का समय बीत चुका है । डीएफओ कोरिया ने न मौके का मुआयना किया न ही जांच टीम गठित की । आपको बता दे कि लगभग तीन साल पूर्व कोरिया वन मंडल के बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सिंघपानी से पुट्टा पहुच वन मार्ग में करोड़ो की लागत से डब्लूबीएम सड़क का निर्माण कार्य तत्कालीन रेंजर की देख रेख में कराया गया था । पहली बरसात में ही ये सड़क की मिट्टी बह गई और बड़े बड़े पत्थर बाहर आ गए थे । वही साँथ में बने पुलिया पूरी तरह ढह गए थे । खबर के बाद मरमत कार्य कर सुधारा गया था अब तीन साल बाद सड़क से मिट्टी फिर बह गई । और पत्थर बाहर आ गए ग्रामीणों का चलना दूभर सा हो गया है । ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ो से ही बड़े बड़े चट्टानों को दोड़वा कर गिट्टी सड़क निर्माण में उपयोग किया गया मुरम की जगह अधिकांस मिट्टी डाले गए जिसका परिणाम घटिया सड़क के रूप में ग्रामीणों राहगीरों को मिला बार बार बरसात में यह सड़क चलने लायक नही रहता है।

इस मामले पर नव पदस्थ कोरिया डीएफओ का बयान भी सामने आया उन्होंने ने बड़े साहस पूर्वक आश्वस्त किया कि जांच होगी और दोषियों पर कार्यवाही लेकिन एक महीने से ज्यादा का समय व्यतीत हो गया न जांच हुई न कार्यवाही हमारे जानने अनुसार पहली बार निर्माण कार्यो में अनियमितता के मामले पर कोरिया डीएफओ का बयान सामने आया लग रहा था कि कुछ नया होगा मगर सब कुछ अब सुन सपाट के अंधेरों में ही गोता लगाते नजर आ रहा है। आखिर कब होगी जांच आज भी ये सवाल भवरे की तरह कोरिया वन मंडल कार्यालय के ऊपर मंडरा रहा है।




